संदेश

संवेगात्मक बुद्धि का मापन

चित्र
संवेगात्मक बुद्धि के अध्ययन का इतिहास संवेगात्मक बुद्धि के बारे में सर्व प्रथम डॉक्टर पीटर तथा डॉक्टर जॉन मेयर ने बताया। लेकिन इसके जिस स्वरूप को वर्तमान में उपयोग किया जाता है, वह मनोवैज्ञानिक डॉक्टर डैनियल गोलमैन के द्वारा दिया गया। इन्होंने अपनी पुस्तक "संवेगात्मक बुद्धि-यह बुद्धिलब्धि से बेहतर क्यों हो सकता है (Emotional Intelligence- Why it can better more than IQ)" में संवेगात्मक बुद्धि शब्द का प्रयोग किया। गोलमैन संवेगात्मक बुद्धि का सूत्र  = (संवेगात्मक आयु) / (वास्तविक आयु) × 100                             EQ=EA/CA×100         Where,                     EQ= Emotional Quotient                     EA=Emotional Age                     CA=Chronogical age डैनियल गोलमैन के अनुसार व्यक्ति के जीवन की सफलता का मंत्र 20%बुद्धि लब्धि के कारण ...

संवेगात्मक बुद्धि के विकास हेतू क्या किया जाए?

4. दूसरों के संवेगों और उनकी भावनाओं को समझने के लिए यह आवश्यक होता है कि उनकी बात को धैर्यपूर्वक सुना और समझा जाए। अनुसंधानों के द्वारा यह पाया गया है कि जिन व्यक्तियों में संवेगात्मक बुद्धि की अधिकता होती है वे सामान्य रूप से दूसरों की बात अधिक अच्छी तरह से सुनते हुए पाए जाते है। 5. हम भावनाओं में बहकर ठीक तरह नहीं सोच पाते हैं, इस गलत धारणा को मन से निकाल देना चाहिए। संवेगों को अपनी विचार प्रक्रिया से समन्वित करने के प्रयास किए जाने चाहिए। मस्तिष्क और हृदय दोनों का ही ताल मेल उचित व्यवहार प्रक्रिया में सदैव ही सहयोगी सिद्ध होता है संवेगों का अनुचित दमन करना कभी भी लाभदायक सिद्ध नहीं होता बल्कि मानसिक शक्तियों के उचित उपयोग से उन पर वांछित लगाम लगाने में ही व्यक्तिगत और सामाजिक कल्याण निहित होता है। 6. संवेग चाहे नकारात्मक हो या सकारात्मक, वे व्यक्ति विशेष के लिए परिस्थिति विशेष अनुसार लाभकारी सिद्ध होते हैं। क्योंकि उनका प्रादुर्भाव व्यक्ति के मस्तिष्क, हृदय और इन्द्रियों को उसकी व्यवहार क्रियाओं के माध्यम से जोङता है। क्रोध, मद, घृणा और अवसाद जिन्हें हम गलत संवेग समझते हैं वे भी सम...

बच्चों में भावनात्मक बुद्धिमत्ता सिखाने की रणनीतियाँ

चित्र
EVERY INDIVIDUAL IS UNIQUE Emotional intelligence Activities 👉 सामाजिक और भावनात्मक शिक्षण [Social Emotional and Ethical  Learning (SEL)] SEL is the process through which children and adults understand and manage emotions set and achieve +Ve Goals, feel and show empathy for others, establish and maintain +Ve Relationships and make responsible decisions. There are Five Core :- 1. Self Awareness (Nursery To Higher Education level), When Angry and Sullen? 2. Self management (Time Management ) 3. Social Awareness ( Behaviour Acceptance ) 4. Relationship Skills (Respect each other and relationship beyond books) 5 . Responsible decision making ( Help and care each other ) Example :- A Blind beggar Story मैं अंधा हूँ कृप्या मेरी मदद करें आज का दिन बहुत सुन्दर है, आपलोग खुसनसीब हो कि आप देख सकते हो और मैं नहीं देख सकता हूँ, धन्यवाद !      Continue.. Plzz visit my blog regularly 🙏

संवेगात्मक बुद्धि : विविध आयाम

चित्र
 ' संवेगात्मक बुद्धि ' से आशय   जब हम जीवन में सफलता और खुशियों की बात करते हैं , तब संवेगात्मक या भावनात्मक बुद्धि मानसिक बुद्धि से ज्यादा महत्वपूर्ण दिखाई पड़ती है | संवेगात्मक बुद्धि से आशय उस क्षमता से है जो किसी व्यक्ति को उसकी भावनाओं को सकारात्मक रूप से व्यवस्थित करने , प्रयोग करने और उनको समझने में सहयाता प्रदान करती है | भावनाओं या संवेदनाओं का यह व्यवस्थित रूप व्यक्ति को तनाव मुक्त रखने , दूसरों के साथ तालमेल स्थापित करने एवं दूसरों की भावनाओं को समझने का अवसर प्रदान करती है | संवेगात्मक रूप से सबल एक व्यक्ति अपने जीवन को कहीं अधिक संतुलित जीने में कामयाब हो पाता है | फिर बात चाहे उसके व्यक्तिगत संबंधों की हो या सामाजिक संबंधों या कार्यक्षेत्र से सम्बंधित संबंधों की हो | कहा जा सकता है संवेगात्मक बुद्धि एक व्यक्ति को उसके ' स्व ' को जानने , उससे जुड़ने और उसकी इकच्छाओं के अनुरूप कार्य करने की समझ देती है |  संवेगात्मक बुद्धि को इन चार गुणों के आधार पर अच्छे से समझा जाना जा सकता है और परिभाषित किया जा सकता है- 1. स्व-प्रबंधन ( self-Management) – अपनी आंतरिक स्ति...
चित्र
                         संवेगात्मक बुद्धि का विकास हेतु क्या किया जाए? उत्तर:–अपने स्वयं में और दूसरों में संवेगों के भली-भाँति प्रत्यक्षीकरण हेतु उचित योग्यताओं और क्षमताओं के विकास का प्रयास किया जाए। 2. दूसरों के बारे में जो भी गलत भावनाएँ उमङे और संवेगों के गलत प्रत्यक्षीकरण करने सम्बन्धी गलत परिणाम सामने आएं, उन पर रोक लगाने के उपाय किए जाएं। दूसरे की भावनाओं और संवेगों को गलत ढंग से लेना, सम्बन्धों को बिगाङने की दिशा में काफी घातक सिद्ध हो सकता है क्योंकि जब हम अपने ढंग से उनकी भावनाओं और संवेगों को देखते है तो इसमें पक्षपात और द्वेषपूर्ण दृष्टिकोण ही हावी रहता है। हमेशा यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि प्रेम और आपसी विश्वास ही सम्बन्धों में नजदीकी लाता है जबकि घृणा और बैर रखने से सम्बन्धों में सदैव कटुता ही आती है। 3. सभी परिस्थितियों में यह समझा जाना चाहिए कि जिस प्रकार के संवेगों की अनुभूति हमें हो रही हो दूसरों को भी हो रही है उनके बारे में सही ज्ञान और चेतना हमारे अन्दर विकसित हो। सभी तरह से यह प्रयत्न होना चाहिए कि ...

मुकुंद कुमार,समवेगात्मक बुद्धि के घटक (Domain of emotional intelligence)

चित्र
मुकुंद कुमार M.ed       संवेगात्मक बुद्धि के घटक       Domain of emotional intelligence संवेगात्मक बुद्धि के पांच घटक है। 1 स्व सतर्कता (self awareness) 2 स्व नियमितीकरण (self regulation) 3 अभिप्रेरणा ( motivation) 4 सहानुभूति या संवेदना (empathy)                                                                                 5 सामाजिक कौशल (social skills)                    स्व सतर्कता             self awareness आत्म  जागरूकता  , या अपनी भावनाओं को पहचानने और समझने की क्षमता, एक महत्वपूर्ण भावनात्मक बुद्धिमत्ता कौशल है।  हालाँकि, अपनी भावनाओं को पहचानने से परे, अन्य लोगों पर हमारे कार्यों, मनोदशाओं और भावनाओं के प्रभाव के बारे में जागरूक होना है।  आत्म-जाग...